Sunday, June 21, 2009

तुम्हारा स्पर्श (ऑडियो)



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7 टिप्पणियाँ:

हिमांशु जी, सुनाई ही नहीं दे रही है। हो सकता है मेरे कम्प्यूटर में भी कुछ गड़बड़ हो सकती है। पर अन्य संगीत तो सुनाई दे रहा है।

June 21, 2009 6:22 PM  

कविता सुनाई नहीं दे रही है. आवाज़ बहुत ही धीमी है.

June 21, 2009 6:54 PM  

kavita ka jaadu
mukharit swar
shayad etbar karna mushkil ho raha hai
bahut khoobsurat

June 21, 2009 7:27 PM  

तुम्हारा स्पर्श का यह तुम्हारा काव्य पाठ चेतन और अवचेतन को भी जह्न्क्रित कर गया हिमांशु !

June 21, 2009 7:35 PM  

maine kavita padhi aur suni bhi.Kaphi achchha laga.Agar audio ki quality thodi badhiya hotu to behtar hota.
Navnit Nirav

June 21, 2009 8:47 PM  

हिमांशू जी आवाज सुनाई नही दे रही,लगता है साथ बाले कमरे मै कोई घुसड्पुसड बोल रहा हो, कॄप्या दोवारा से ओर ज्यादा आवाज तेज कर के फ़िर से पोस्ट करे,
धन्यवाद
मुझे शिकायत है
पराया देश
छोटी छोटी बातें
नन्हे मुन्हे

June 21, 2009 11:43 PM  

बेहतरीन रचना और उम्दा वाचन!! बधाई.

June 22, 2009 2:26 AM  

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