यहाँ वही पंक्तियाँ जिनसे जीने की ताब-आब, लिखने की कसक और महसूसने का माद्दा पैदा हुआ।
---------------------------- कितनी निर्व्याज,अजटिल होती हैं स्थितियां जिनमें प्यार जन्म लेता है। --'अज्ञेय' ---------------------------- याने जब लगे तुम्हें कि कुछ ठीक कह रहा हूँ तो एकाएक खिला दो मेरे पास के पौधे पर एक हँसता हुआ फूल... --'भवानी प्रसाद मिश्र' --------------------------- "दुःख के बिना जीवन कटे सुख से किसी का मन हटे पर्वत गिरे टूटे न कन औ' प्यार बिन जी जाय मन.
ऐसा कभी होगा नहीं ऐसा कहीं होता नहीं ." -- 'रमानाथ अवस्थी' ---------------------------- "दम लबों पर हो मगर फिर भी हो चेहरे पर हंसी वह कोई मौत है जीने का जो अंदाज न दे ." --'नजीर' ---------------------------- "हम लोग रोज खाते और जागते और सोते हैं कोई कविता नहीं मिलती है जैसे ही हमारा रिश्ता किसी से भी साफ होने लगता है कविता बन जाती है" . --'रघुवीर सहाय" ------------------------------ "यह हंसी आँसू उदासी मुस्कराहट क्या सभी अवसान के आते पदों की क्षीण आहट? सामने है मौत की काली, खड़ी दीवार क्या इसी भय से उपजता हर हृदय में प्यार ?" --'जगदीश गुप्त' ------------------------------
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...
हिमांशु जी, सुनाई ही नहीं दे रही है। हो सकता है मेरे कम्प्यूटर में भी कुछ गड़बड़ हो सकती है। पर अन्य संगीत तो सुनाई दे रहा है।
June 21, 2009 6:22 PM
P.N. Subramanian said...
कविता सुनाई नहीं दे रही है. आवाज़ बहुत ही धीमी है.
June 21, 2009 6:54 PM
M VERMA said...
kavita ka jaadu
mukharit swar
shayad etbar karna mushkil ho raha hai
bahut khoobsurat
June 21, 2009 7:27 PM
Arvind Mishra said...
तुम्हारा स्पर्श का यह तुम्हारा काव्य पाठ चेतन और अवचेतन को भी जह्न्क्रित कर गया हिमांशु !
June 21, 2009 7:35 PM
Navnit Nirav said...
maine kavita padhi aur suni bhi.Kaphi achchha laga.Agar audio ki quality thodi badhiya hotu to behtar hota.
Navnit Nirav
June 21, 2009 8:47 PM
राज भाटिय़ा said...
हिमांशू जी आवाज सुनाई नही दे रही,लगता है साथ बाले कमरे मै कोई घुसड्पुसड बोल रहा हो, कॄप्या दोवारा से ओर ज्यादा आवाज तेज कर के फ़िर से पोस्ट करे,
धन्यवाद
मुझे शिकायत है
पराया देश
छोटी छोटी बातें
नन्हे मुन्हे
June 21, 2009 11:43 PM
Udan Tashtari said...
बेहतरीन रचना और उम्दा वाचन!! बधाई.
June 22, 2009 2:26 AM