@कौतुक एवं मानसी जी, आपके सुझाव के लिये आभार । जो कवितायें पहले से हैं, उनकी भी अपने स्वर में रिकॉर्डिंग कर यहाँ पोस्ट करने की सोच रहा हूँ । ऐसी स्थिति में उनका लिंक दे दूँगा । कोई नयी कविता का ऑडियो यदि पोस्ट करुंगा तो कविता जरूर लिखूँगा ।
बहुत अच्छा लगा सुन कर! आप का ब्लाग भी बहुत अच्छा लगा।आप तो पास के ही निकले,कभी बनारस कमिश्नरी आएं तो जरूर मिलें..या मोबाइल न. ९४५३८८३३७५ पर ...बात करें....
यहाँ वही पंक्तियाँ जिनसे जीने की ताब-आब, लिखने की कसक और महसूसने का माद्दा पैदा हुआ।
---------------------------- कितनी निर्व्याज,अजटिल होती हैं स्थितियां जिनमें प्यार जन्म लेता है। --'अज्ञेय' ---------------------------- याने जब लगे तुम्हें कि कुछ ठीक कह रहा हूँ तो एकाएक खिला दो मेरे पास के पौधे पर एक हँसता हुआ फूल... --'भवानी प्रसाद मिश्र' --------------------------- "दुःख के बिना जीवन कटे सुख से किसी का मन हटे पर्वत गिरे टूटे न कन औ' प्यार बिन जी जाय मन.
ऐसा कभी होगा नहीं ऐसा कहीं होता नहीं ." -- 'रमानाथ अवस्थी' ---------------------------- "दम लबों पर हो मगर फिर भी हो चेहरे पर हंसी वह कोई मौत है जीने का जो अंदाज न दे ." --'नजीर' ---------------------------- "हम लोग रोज खाते और जागते और सोते हैं कोई कविता नहीं मिलती है जैसे ही हमारा रिश्ता किसी से भी साफ होने लगता है कविता बन जाती है" . --'रघुवीर सहाय" ------------------------------ "यह हंसी आँसू उदासी मुस्कराहट क्या सभी अवसान के आते पदों की क्षीण आहट? सामने है मौत की काली, खड़ी दीवार क्या इसी भय से उपजता हर हृदय में प्यार ?" --'जगदीश गुप्त' ------------------------------
-कौतुक said...
हिमांशु जी, प्रयास बहुत ही अच्छा है. आपकी आवाज बहुत साफ़ है. सुन कर अच्छा लगा.
दो बातें:
१) आवाज में लोच होना चाहिए, परन्तु इस बात का ख्याल रखें कि स्वर थोडा ऊंचा रहता तो अच्छा था.
२) ऑडियो क्लिप के ठीक ऊपर या नीचे कविता भी लिख दिया करें.
April 15, 2009 8:02 AM
मानसी said...
बहुत अच्छी कविता। आवाज़ के साथ-साथ कहने का तरीक़ा भी प्रभावशाली।
कविता को साथ में लिख कर भी डालें।
April 15, 2009 8:16 AM
Parul said...
bahut khuub..rachna...aur adaaygi...
April 15, 2009 10:41 AM
महामंत्री - तस्लीम said...
बहुत खूब।
-----------
तस्लीम
साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन
April 15, 2009 11:27 AM
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...
बहुत अच्छा लगा सुन कर!
April 15, 2009 2:45 PM
Arvind Mishra said...
अच्छी कविता और स्वर भी !
April 15, 2009 10:51 PM
हिमांशु । Himanshu said...
@कौतुक एवं मानसी जी,
आपके सुझाव के लिये आभार । जो कवितायें पहले से हैं, उनकी भी अपने स्वर में रिकॉर्डिंग कर यहाँ पोस्ट करने की सोच रहा हूँ । ऐसी स्थिति में उनका लिंक दे दूँगा । कोई नयी कविता का ऑडियो यदि पोस्ट करुंगा तो कविता जरूर लिखूँगा ।
April 15, 2009 10:55 PM
प्रसन्न वदन चतुर्वेदी said...
बहुत अच्छा लगा सुन कर!
आप का ब्लाग भी बहुत अच्छा लगा।आप तो पास के ही निकले,कभी बनारस कमिश्नरी आएं तो जरूर मिलें..या मोबाइल न. ९४५३८८३३७५ पर ...बात करें....
May 6, 2009 7:26 AM
Science Bloggers Association said...
बहुत खूब गाते हैं आप।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }
May 15, 2009 2:15 PM
अल्पना वर्मा said...
आज पहली बार आप की कविता को आप के स्वर में सुना.
आप की आवाज़ बहुत अच्छी है.और कविता को पढने का अंदाज़ भी अच्छा लगा.
May 18, 2009 10:03 AM
Science Bloggers Association said...
bahut khob gaya hai aapne.
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }
May 19, 2009 4:03 PM