Wednesday, April 15, 2009

कहाँ कहाँ डोलूँगा (मेरी आवाज में कविता)

11 टिप्पणियाँ:

हिमांशु जी, प्रयास बहुत ही अच्छा है. आपकी आवाज बहुत साफ़ है. सुन कर अच्छा लगा.

दो बातें:

१) आवाज में लोच होना चाहिए, परन्तु इस बात का ख्याल रखें कि स्वर थोडा ऊंचा रहता तो अच्छा था.
२) ऑडियो क्लिप के ठीक ऊपर या नीचे कविता भी लिख दिया करें.

April 15, 2009 8:02 AM  

बहुत अच्छी कविता। आवाज़ के साथ-साथ कहने का तरीक़ा भी प्रभावशाली।

कविता को साथ में लिख कर भी डालें।

April 15, 2009 8:16 AM  

bahut khuub..rachna...aur adaaygi...

April 15, 2009 10:41 AM  

April 15, 2009 11:27 AM  

बहुत अच्छा लगा सुन कर!

April 15, 2009 2:45 PM  

अच्छी कविता और स्वर भी !

April 15, 2009 10:51 PM  

@कौतुक एवं मानसी जी,
आपके सुझाव के लिये आभार । जो कवितायें पहले से हैं, उनकी भी अपने स्वर में रिकॉर्डिंग कर यहाँ पोस्ट करने की सोच रहा हूँ । ऐसी स्थिति में उनका लिंक दे दूँगा । कोई नयी कविता का ऑडियो यदि पोस्ट करुंगा तो कविता जरूर लिखूँगा ।

April 15, 2009 10:55 PM  

बहुत अच्छा लगा सुन कर!
आप का ब्लाग भी बहुत अच्छा लगा।आप तो पास के ही निकले,कभी बनारस कमिश्नरी आएं तो जरूर मिलें..या मोबाइल न. ९४५३८८३३७५ पर ...बात करें....

May 6, 2009 7:26 AM  

बहुत खूब गाते हैं आप।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

May 15, 2009 2:15 PM  

आज पहली बार आप की कविता को आप के स्वर में सुना.
आप की आवाज़ बहुत अच्छी है.और कविता को पढने का अंदाज़ भी अच्छा लगा.

May 18, 2009 10:03 AM  

May 19, 2009 4:03 PM  

Post a Comment

Blog Widget by LinkWithin

Blogger Template by Blogcrowds