मेरी आवाज में मेरी कविता
कभी आडियो फाइल अपने ब्लॉग पर नहीं लगायी थी । आज जिस कविता को सच्चा शरणम पर पोस्ट किया उसे अपनी आवाज में रिकॉर्ड भी किया था । सोचा इसी बहाने इस पोस्टिंग को भी आजमा लूँ । यह सुनिये मेरी आवाज में मेरी कविता "महसूस करता हूँ, सब तो कविता है" जिसे आज मैंने अपने ब्लॉग सच्चा शरणम पर पोस्ट किया है ।
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Arvind Mishra said...
जैसे चिडियों की चहचहाहट में एक स्वर और आ मिला हो !
April 10, 2009 8:21 AM
रज़िया "राज़" said...
जैसी कविता वैसी ही आवाज़। मुबारक।
April 10, 2009 11:06 AM
संगीता पुरी said...
अच्छी लगी आवाज भी ...
April 10, 2009 11:35 AM
Harkirat Haqeer said...
waah aapka ye prayas bahut hi accha laga ...aapki aawaz bahut hi acchi hai ...agali kavita k intjar me....!!
April 10, 2009 10:20 PM
irdgird said...
प्रभावशाली शब्द और उतनी ही शानदार आवाज।
April 23, 2009 5:12 PM