मेरी समझ नहीं कि ये कमाल कर सकूं
हर शख्स अपने साथ मैं खुशहाल कर सकूं
मेरी समझ नहीं कि ये कमाल कर सकूं ।
फैली हैं अब समाज में अनगिन बुराइयाँ
है लालसा कि बद को मैं बेहाल कर सकूँ।
फेकूँ निकाल हिय के अन्धकार द्वेष को
कटुता के जी का आज मैं जंजाल कर सकूँ।
है प्रार्थना कि नाथ वृहद शक्ति दो हमें
चेहरा बुराइयों का मैं विकराल कर सकूँ ।
लेबल: कविता





Nirmla Kapila said...
बहुत खूब भगवान आप को शक्ति देसुन्दर अभिव्यक्ति के लिये बधाई
February 4, 2009 4:25 PM
रंजना [रंजू भाटिया] said...
फैली हैं अब समाज में अनगिन बुराइयाँ
है लालसा कि बद को मैं बेहाल कर सकूँ।
यही प्रार्थना है की या हो सके ...सुंदर लिखा आपने
February 4, 2009 5:12 PM
Rachna Singh said...
nice poem again
February 4, 2009 5:15 PM
रंजना said...
Waah ! Pavitra sundar bhaav......ishwar awashy sune......
February 4, 2009 5:55 PM
Shikha Deepak said...
हर शख्स अपने साथ मैं खुशहाल कर सकूं
मेरी समझ नहीं कि ये कमाल कर सकूं ............
आप अपने साथ हर शख्स को इतनी खूबसूरत कविताओं से खुश करने का कमाल तो कर ही लेते हैं।
ईश्वर आपको ऐसे अनगिनत कमाल करने की सामर्थ्य दे।
February 4, 2009 7:03 PM
Arvind Mishra said...
सदभावना !
February 4, 2009 9:03 PM
राज भाटिय़ा said...
काश आप की बात भगवान सुन ले, बहुत सुंदर कविता कही आप ने . धन्यवाद
February 4, 2009 10:27 PM
विवेक सिंह said...
हमारे लायक सेवा हो तो बताना जी !
February 4, 2009 10:48 PM
Aarjav said...
क्या बात है ! शैली कुछ बदली हुयी है !
अच्छा लग रहा है !
February 7, 2009 9:56 AM
SWAPN said...
है प्रार्थना कि नाथ वृहद शक्ति दो हमें
चेहरा बुराइयों का मैं विकराल कर सकूँ ।
himanshu ji sunder rachna ke liye badhai, chehra buraiyon ka main "vikral" kar sakun ki jagah "badhaal" ho to kaisa hai.
February 7, 2009 6:24 PM
आशुतोष दुबे "सादिक" said...
मैंने अपने ब्लॉग का पता बदल दिया है। मेरे ब्लॉग का नया पता है :-
http://hindisarita.blogspot.com
February 14, 2009 9:29 AM
आशुतोष दुबे "सादिक" said...
मैंने अपने ब्लॉग का पता बदल दिया है। मेरे ब्लॉग का नया पता है :-
http://hindisarita.blogspot.com
February 14, 2009 9:29 AM
Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...
बहुत सुंदर कविता और उतने ही सुंदर भाव भी. ईश्वर आपकी इच्छा पूर्ण करे!
February 19, 2009 8:52 AM
Suresh Chnadra Gupta said...
विचारोत्तेजक रचना. इंसान कोई भी कमाल कर सकता है. बस ईश्वर में विश्वास होना चाहिए.
February 28, 2009 6:00 PM
दिगम्बर नासवा said...
अच्छी रचना, सुन्दर शब्दों में बांधा है इसको, अच्छी अभिव्यक्ति विचारोत्तेजक रचना
February 28, 2009 6:29 PM
Jyotsna Pandey said...
बहुत सुन्दर भाव हैं रचना के ............
पर मुझे इन पंक्तियों पर आपत्ति है ..............
है प्रार्थना कि नाथ वृहद शक्ति दो हमें
चेहरा बुराइयों का मैं विकराल कर सकूँ
इससे एक गलत सन्देश प्रसारित हो रहा है ...............मैं जानती हूँ की आपका मंतव्य ऐसा नहीं होगा ....
ऐसा कहने के लिए क्षमाप्रार्थी हूँ ...........
March 1, 2009 9:48 AM
Dr.Bhawna said...
बहुत सुंदर रचना ...
आप सबको होली की ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ...
March 10, 2009 6:37 PM